Barishein Rukti Hi Nahin

Barishein Rukti Hi Nahin

Iss Dafa To Barishein Rukti Hi Nahin Faraz,
Humne Kya Aansu Piye Ke Sare Mausam Ro Pade.

इस दफा तो बरिसें रूकती ही नहीं फ़राज़,
हमने क्या आँसू पिए के सारे मौसम रो पड़े।

In Barisho Se Adab-E-Mohobbat Seekho Faraz,
Agar Ye Ruth B Jayen To Barasti Bohot Hian.

इन बारिशों से अदब-ए-मोहब्बत सीखो फ़राज़,
अगर ये रूठ भी जाएँ तो बरसती बहुत हैं।

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