Nihagein Fer Lete Ho

Nihagein Fer Lete Ho

Nazar Jiski Taraf Karke Nihagein Fer Lete Ho,
Qayamat Tak Uss Dil Ki Pareshani Nahi Jati.

नज़र जिसकी तरफ करके निगाहें फेर लेते हो,
क़यामत तक उस दिल की परेशानी नहीं जाती।

Ankhein Shayari, Nigahein Fer Lete Ho

Ye Adaayen, Ye Muskurahat, Ye Mast Nigaahen Aapki,
Naqaab Odh Lijiye, Kahin Hum Ujad Na Jaayen.

ये अदाए, ये मुस्कराहट, ये मस्त निगाहें आपकी,
नकाब ओढ़ लिजिये, कही हम उजड़ ना जाए।

Humse Fer Gaye Nigaahen Wo Is Kadar,
Zinda Hain Kitne Log Mohabbat Kiye Bagair.

हमसे फेर गये निगाहें वो इस कदर,
जिंदा हैं कितने लोग मोहब्बत किये बगैर।

Sharam Se Neeche Nigaahen Le Gayi Dil Ka Karar,
Ispar Bhi Unko Shikayat Hum Unhen Takte Nahi.

शरम से नीची निगाहें… ले गयीं दिल का करार,
इसपर भी उनको शिकायत हम उन्हें तकते नहीं।

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